उत्तराखंड

Jaspal Rana: देहरादून पहुंचा निशानेबाज जसपाल राणा का पार्थिव शरीर, सीएम और विधानसभा अध्यक्ष ने दी श्रद्धांजलि

प्रसिद्ध निशानेबाज और पद्मश्री से सम्मानित शूटर जसपाल राणा का पार्थिव शरीर देर शाम देहरादून स्थित उनके आवास पर पहुंचा। इस दौरान सीएम धामी और विधानसभा अध्यक्ष समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार को ढांढस बंधाया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जसपाल राणा ने बहुत कम उम्र में ही बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की थी और पूरी दुनिया में देश का मान बढ़ाया था। उन्होंने न केवल स्वयं खेल की दुनिया में परचम लहराया, बल्कि प्रशिक्षण देकर अनेक खिलाड़ियों को तैयार किया। केवल 49 वर्ष की कम उम्र में उनका इस दुनिया से जाना उनके पूरे परिवार, खेल प्रशंसकों के लिए बहुत दुखदायक घड़ी है। ईश्वर उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे।

जसपाल राणा का निधन, खेल, जगत और सामाज की अपूर्णीय क्षति: भट्ट

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विश्व प्रसिद्ध निशानेबाज जसपाल राणा के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक और संवेदना व्यक्त की। उन्होंने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की कामना की है। पीड़ित परिजनों एवं शुभचिंतकों को इस असीम दुख सहने का सामर्थ्य प्रदान करने की प्रार्थना की। भट्ट ने कहा, उनके निधन की सूचना से पूरे खेल जगत में शोक की लहर है। उनका यूं जाना, संगठन और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। अपने शोक संदेश में कहा कि जसपाल राणा के कम उम्र में जाना एक अत्यंत दुखद क्षण है। खेल और समाज में उनका अपूर्णीय योगदान एवं उपलब्धियां नई पीढ़ी के खिलाड़ियों और युवाओं को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

जसपाल राणा के निधन पर दुखी हुई दुनिया

जसपाल राणा के निधन का समाचार सुनकर बहुत दुख हुआ। उनका जाना भारतीय खेल जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति है। निशानेबाजी में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने देश का मान बढ़ाया। युवा खिलाड़ियों को तराशने के मामले में भी उन्होंने शानदार काम किया। इस दुख की घड़ी में हमारी भावनाएं उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के साथ हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

देवभूमि की माटी के लाल महान निशानेबाज जसपाल राणा के निधन से हम सब स्तब्ध हैं। उनका निधन ऐसा शून्य है जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। उन्होंने निशानेबाजी में शानदार प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराया और देश का मान बढ़ाया। उनका मार्ग दर्शन हमेशा स्वर्ण अक्षरों में अंकित रहेगा। बाबा केदारनाथ और भगवान बदरीविशाल पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुख सहने की शक्ति दें।

– रेखा आर्या, खेल मंत्री

यह केवल उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। एक खिलाड़ी के रुप में जसपाल राणा की उपलब्धियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने न केवल अपने खेल से राज्य का मान बढ़ाया, बल्कि नए खिलाड़ियों को तराश कर उनके लिए बड़ी प्रेरणा बने। ईश्वर उनके परिवार और मित्रों को यह दुख सहन करने की शक्ति दे।

– गणेश गोदियाल, उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष

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