उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, पुरुषों व महिलाओं को अब समान काम के लिए समान वेतन

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए धामी सरकार ने विभिन्न वर्गों को साधना शुरू कर दिया है। कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों में इसकी छाप भी दिखाई दी। इनमें श्रमिक अधिकारों का संरक्षण, ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर, बेहतर खेल सुविधाएं, खेल एवं न्यायिक ढांचे का विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
कैबिनेट ने संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के हजारों श्रमिकों के आर्थिक व सामाजिक हितों की सुरक्षा के दृष्टिगत उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली लागू करने को मंजूरी दी है, जिसमें लैंगिक भेदभाव को दूर करते हुए पुरुषों व महिलाओं को समान कार्य के लिए समान वेतन की व्यवस्था की गई है।
गो-पालन योजना का दायरा बढ़ाया
पशुपालन विभाग की गो-पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इसमें अब गाय के साथ भैंस के लिए भी सब्सिडी मिलेगी। कैबिनेट ने अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से शिफ्ट करने को तराई केंद्रीय वन प्रभाग के लामाचौड़ में 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित 17 विषय रखे गए थे, जिनमें से 16 पर निर्णय हुआ। उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली में न्यूनतम मजदूरी व्यवस्था, ओवर टाइम के लिए दोगुनी मजदूरी, हर माह की सात तारीख तक मजदूरी का डिजिटल माध्यम से भुगतान, दावों के निस्तारण को सुगम व्यवस्था के प्रविधान किए गए हैं।
इस साल 2128 पशुपालकों का लाभ
ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देकर पलायन थामने के उद्देश्य से गो-पालन योजना में संशोधन किया गया है। योजना में अनुसूचित जाति व जनजाति के साथ ही अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी शामिल किया गया है। एक गाय की खरीद को पूर्व में निर्धारित 40 हजार की दर को बढ़ाकर 60 हजार रुपये किया गया है।
अब गाय के साथ भैंस भी खरीदी जा सकती है। अधिकतम दो पशुओं के लिए सरकार अनुदान देगी। अनुसूचित जाति-जनजाति को पूर्व की भांति 90-10, जबकि सामान्य वर्ग को 60-40 के अनुपात में अनुदान मिलेगा। यानी 60 प्रतिशत सरकार और शेष लाभार्थी वहन करेगा। योजना में इस वर्ष 2128 पशुपालक लाभान्वित होंगे। इससे सरकार पर 9.78 करोड़ का व्ययभार आएगा।
लामाचौड़ में बनेगा उच्च न्यायालय कांप्लेक्स
उत्तराखंड उच्च न्यायालय को पूर्व में नैनीताल से हल्द्वानी के गौलापार स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था। बाद में उच्च न्यायालय ने डीएम नैनीताल की स्थल निरीक्षण आख्या के आधार पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग की भाखड़ा रेंज के लामाचौड़ ब्लाक में हल्द्वानी-रुद्रपुर राजमार्ग से लगी 73 हेक्टेयर भूमि को उच्च न्यायालय कांप्लेक्स के लिए उपयुक्त बताते हुए इसमें से 40 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित करने अनुरोध किया गया था। कैबिनेट में न्याय विभाग के इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद वहां 30 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।
मुख्य फैसले
हल्द्वानी में राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन को 122 पदों के सृजन को मंजूरी
वन विकास निगम में स्केलर संवर्ग की भर्ती को हाेगी लिखित परीक्षा
हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के लिए उत्तराखंड व उप्र करेंगे एमओयू
उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को स्वीकृति
जीएसटी अधिनियम में संशोधन अध्यादेश को मंजूरी
अनुसूचित जाति-जनजाति छात्रावासों के संचालन को नई नियमावली



