उत्तराखंड

Uttarakhand: प्रदेश में ‘एक जनपद एक खेल’ नीति का प्रारूप तैयार, 39वें राष्ट्रीय खेलों पर फोकस के निर्देश

उत्तराखंड में एक जनपद एक खेल नीति का प्रारूप तैयार कर लिया गया है, जिस पर जल्द अमल होगा। खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में हुई विभाग की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट राज्यों में होने वाले आगामी 39 वें राष्ट्रीय खेलों में राज्य के पदकों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। खेल मंत्री ने कहा, एक जिला एक खेल नीति का उद्देश्य हर जिले में एक विशिष्ट खेल को बढ़ावा देना है।

खेल मंत्री ने अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर 39 वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के लिए पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसमें खिलाड़ियों को गहन प्रशिक्षण देने और विभिन्न खेल संघों के साथ समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। साथ ही, राष्ट्रीय खेलों से पहले अधिक से अधिक राष्ट्रीय चैंपियनशिप उत्तराखंड में आयोजित कराने की तैयारी है। मंत्री रेखा आर्या ने यह भी कहा कि यदि पूर्वोत्तर राज्यों में साइकिलिंग या शूटिंग जैसे खेलों के लिए बुनियादी ढांचे की कमी है, तो उत्तराखंड उन्हें सुविधा देने पर विचार करेगा। बैठक में हल्द्वानी के गौलापार में प्रस्तावित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

विभागीय मंत्री ने बताया कि स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में जुलाई से शैक्षिक सत्र शुरू करने के लिए पाठ्यचर्या और परिनियमावली समितियां गठित कर दी गई हैं। मंत्री ने पद सृजन की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए। बैठक में पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दिए जाने पर भी चर्चा की गई।

खेल मंत्री ने इसके लिए खेल विभाग में अधिक से अधिक पद सृजित करने के लिए तेजी से कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, प्राचार्य राजेश मंमगाई, उप निदेशक शक्ति सिंह आदि मौजूद रहे।

खेल प्रशिक्षक नीति और योजनाओं के शासनादेश में संशोधन के निर्देश

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बैठक में अधिकारियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और संविदा प्रशिक्षक नीति के शाासनादेश में कुछ संशोधन के निर्देश दिए। ताकि इन योजनाओं के वास्तविक लक्ष्यों को तेजी से प्राप्त करने में मदद मिल सके।

 

 

Related Articles

Back to top button